बरेली। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला प्रवक्ता मोहम्मद इकबाल अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जनहित में स्कूल, कॉलेज, कृषि भूमि, गली-मोहल्लों के ऊपर तथा निकट से गुजर रही 11000 केवी हाईटेंशन लाइनों को तत्काल हटवाने की माँग की है। संगठन का कहना है कि ये लाइनें लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं।
भाकियू पदाधिकारियों ने बताया कि दिनांक 6 अगस्त को जानकारी मिली है कि प्रदेश के लगभग 8300 विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन तारों को हटाया जाएगा, जो एक स्वागत योग्य कदम है। परंतु अभी भी अनेक सरकारी व निजी विद्यालय ऐसे हैं, जिनके ऊपर से अथवा पास से 11000 केवी की विद्युत लाइनें गुजर रही हैं, जिसके कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
संगठन ने कहा कि विद्यालयों में हजारों छात्र-छात्राएँ अध्ययन करते हैं। वहाँ इंटरवल के दौरान बच्चे बृहद संख्या में परिसर व आसपास मौजूद रहते हैं। ऐसे में यदि हाईटेंशन तार टूटकर गिर जाएँ या ट्रांसफार्मर में आग लग जाए तो बड़े हादसे हो सकते हैं।
उदाहरण स्वरूप जनता इंग्लिश इंटर कॉलेज, ख्वाजा नगर, नकटिया (बरेली) के पास हाईटेंशन लाइन व ट्रांसफार्मर मौजूद है। इसे सड़क की ओर शिफ्ट कर छात्रों व स्थानीय निवासियों को सुरक्षा दी जा सकती है।
इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय सिमरा अजूबा बेगम के निकट कृषि भूमि के ऊपर से 11000 केवी की विद्युत लाइन गुजर रही है। इसे खजुरिया ब्रह्मनान ट्रांसफार्मर से जोड़कर सड़क किनारे शिफ्ट किया जा सकता है, जिससे तार व पोलों की बचत के साथ बच्चों व किसानों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
भाकियू (टिकैत) ने क्षेत्र के जेई, एसडीओ व विद्युत विभाग को निर्देश देने की माँग की है कि जहाँ भी हाईटेंशन लाइनें स्कूल, खेत या आबादी के ऊपर से लंबी दूरी तक जा रही हों, उन्हें कम दूरी वाले मार्ग से रोड साइड शिफ्ट किया जाए।
आवारा पशुओं से किसान परेशान हैं फसल को खराब कर रहे है किसानों मार रहे हैं सड़कों पर आवारा सांड घूम रहे हैं राहगीरों को टक्कर मार देते हैं लोग घायल हो जाते है अधिकारी जल्द से जल्द कार्रवाई करे।










