BAREILLY
गांधी शिल्प बाजार के चौथे दिन भी जारी रहा हस्तशिल्प का जादू, खरीदारों की पसंद बनीं पारंपरिक कलाकृतियां
दिनांक: 24 जनवरी 2026
स्थान: इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान, बरेली उत्तर प्रदेश
कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित उत्तर प्रदेश राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास निगम लिमिटेड द्वारा आयोजित ‘गांधी शिल्प बाजार’ का आज चौथा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जैसे-जैसे मेला आगे बढ़ रहा है, हस्तशिल्प के प्रति लोगों का उत्साह और बढ़ता जा रहा है।

चौथे दिन के मुख्य आकर्षणों में हस्तनिर्मित वस्त्र और गृह सज्जा (Home Decor) के सामान प्रमुख रहे। मेले के आयोजक मंडल ने बताया कि चौथे दिन तक आते-आते न केवल स्थानीय लोग, बल्कि आसपास के जिलों से भी कला प्रेमी यहाँ पहुँच रहे हैं।
चौथे दिन की प्रमुख झलकियां:
लाइव डेमोस्ट्रेशन (सजीव प्रदर्शन): कई स्टालों पर शिल्पकारों ने अपनी कला का सजीव प्रदर्शन किया। आगंतुकों ने यह देखा कि कैसे मिट्टी के एक ढेले को चाक पर सुंदर बर्तन का रूप दिया जाता है और कैसे सुई-धागे से कपड़े पर बारीक नक्काशी की जाती है।

उत्तर प्रदेश के उत्पादों का दबदबा: उत्तर प्रदेश राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास निगम लिमिटेड के सहयोग से लगे इस बाजार में राज्य के स्थानीय उत्पादों जैसे भदोही के कालीन, खुर्जा की पॉटरी और सहारनपुर के लकड़ी के फर्नीचर की विशेष मांग देखी गई।
बढ़ता व्यापार: चौथे दिन बिक्री का ग्राफ पिछले दिनों के मुकाबले काफी बेहतर रहा। शिल्पकारों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें ग्राहकों से सीधा फीडबैक और अच्छे ऑर्डर मिल रहे हैं।
शिल्पकारों की आवाज:
मेले में आए एक वरिष्ठ शिल्पकार रफीक ने बताया, “वस्त्र मंत्रालय और निगम द्वारा प्रदान किया गया यह मंच हमारे जैसे कारीगरों के लिए संजीवनी के समान है। यहाँ हमें अपनी मेहनत का सीधा दाम मिल रहा है।”
उत्तर प्रदेश राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास निगम लिमिटेड के संतोष चौहान ने आज मेले की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सहायक निदेशक पुलकित जैन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर शिल्पकारों का मनोबल बढ़ाएं और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने में मदद करें।










