रहमतों व बरकतों का मुकद्दस महीना है रमज़ान : सलमान साबरी

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Bareilly
रहमतों व बरकतों का मुकद्दस महीना है रमज़ान : सलमान साबरी
बरेली। मार्च से बा बरकत महीना रमजा़नुल आ जाएगा इस महीने में अल्लाह तआला हमे खाने को इतनी इतनी अच्छी नेमतें नवाज़ता हैं जो हम बाकी के 11 महीने में जल्दी नही खा पाते हैं जो हमें रमज़ानुल मुबारक में अता करता हैं तो भाईयो इस बात का ख़ास ख्याल रहें की हमें अपने दस्तरख्वान इफ्तारी के वीडीओ फ़ोटो सोशल मीडिया या व्हाट्सएप स्टेटस पर नही डालना हैं
सैय्यद सलमान साबरी ने कहा कि ऐसे दिखावे से सख़्त परहेज़ रखें अब बात करते हैं फितरे, ज़कात की लोग रमज़ान में ज़कात निकालते हैं क्योंकि इस महीने में हर भलाई का बदला बे हिसाब मिलता है ऐसे में कुछ लोग मांगने वाले सवालियों को ख़ूब पैसे देते हैं और मदरसे के नाम पर चंदा करने वालों को भी देते हैं उसमें असली नक़ली दोनों होते हैं
तो याद रखिए ज़कात फ़र्ज़ है तो फ़र्ज़ की तरह अदा भी होनी चाहिए यानी सही ज़रूरत मंद तक ही पहुंचनी चाहिए  इस लिए अच्छी तरह जांच कर ही वह पैसा दें सही जगह खर्च हो इसका आसान तरीका़ यह है कि आप अपने क़रीब के रिश्तेदारों का पता करें जो जितना करीब का रिश्तेदार होगा उसका हक़ उतना ज्यादा होगा और नेकी भी डबल मिलेगी पहली बात तो यह कि आपका पैसा सही जगह खर्च हुआ इसका इत्मीनान आपको रहेगा।
दूसरा फ़ायदा यह होगा कि रिश्तेदार पर खर्च करने की नेकी अलग से मिलेगी
जिसे भी दें उसे ज़कात या फ़ितरा बता कर शर्मिंदा ना करें और यह भी ना सोचें कि फलां ग़रीब है तो आ कर मांग ले अगर आपको यह ख़्याल आया तो अल्लाह से डरिए  अगर आपका कोई रिश्तेदार ऐसा न हों तो अपने मोहल्ले आड़ पड़ोस में तलाश कीजिए क्योंकि दूसरा हक उनका बनता हैं और याद रहें अधिकतर लोग ईद से एक दो दिन पहले ही फितरा ज़कात निकालते हैं तो क्यों न ये काम हम हफ्ता दस दिन पहले कर ले जिससे जिसको ये पैसे जा रहा हैं वो भी इसका इस्तेमाल ईद की खरीद दारी में में कर ले
किन रिश्तेदारों को जकात के पैसे नहीं दे सकते इसका पता किसी आलिम से पता कर लीजिए।

 

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