बरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बरेली आगमन से बुधवार को जिले का सियासी माहौल गर्म हो गया। जैसे ही उनका विमान बरेली एयरपोर्ट पहुंचा, पहले से मौजूद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। लेकिन पुलिस प्रशासन ने धारा 163 (पूर्व में 144) लागू होने का हवाला देते हुए न सिर्फ शहर में प्रवेश पर रोक लगाई, बल्कि एयरपोर्ट परिसर में केवल चुनिंदा नेताओं को ही जाने दिया।
एयरपोर्ट से पहले कैलाशपुर रोड स्थित बैरियर नंबर-2 पर पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को रोक लिया। इस पर नाराज कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही नारेबाजी शुरू कर दी। “लोकतंत्र की हत्या बंद करो”, “अखिलेश यादव जिंदाबाद”, “सपा कार्यकर्ता एकता जिंदाबाद” के नारे गूंज उठे। पुलिस ने समझाकर भीड़ को शांत किया और आगे बढ़ने से रोका। प्रशासन ने कहा कि धारा 163 के तहत किसी भी प्रकार की भीड़ इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है। मौके पर जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, विधायक अताउर रहमान (बहेड़ी), विधायक शहजिल इस्लाम (भोजीपुरा), सांसद नीरज मौर्य (आंवला) समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस दौरान कार्यकर्ताओं के साथ पूर्व विधायक सुल्तान बेग, पूर्व जिलाध्यक्ष अगम मौर्य, पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव, प्रो. जाहिद खां, कदीर अहमद, शिव प्रताप यादव, शुभलेश यादव, मलखान सिंह यादव आदि भी उपस्थित रहे। सपा नेताओं ने प्रशासनिक रवैये पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। बरेली एयरपोर्ट से लेकर रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय तक अखिलेश यादव का यह दौरा संगठन और सियासत दोनों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।










