BAREILLY
एसआरएमएस मेडिकल कालेज में दो दिवसीय प्रथम प्रसूति एवं स्त्री रोग अपडेट 2025 कांफ्रेंस आरंभ
मरीजों के बेहतर इलाज के लिए डाक्टरों का अपडेट रहना जरूरी
एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति ने मानसिक स्वास्थ्य पर दिया विशेष जोर
बरेली। एसआरएमएस मेडिकल कालेज में दो दिवसीय प्रथम प्रसूति एवं स्त्री रोग अपडेट 2025 कांफ्रेंस के पहले दिन देश की नामचीन स्त्रीरोग, आईवीएफ विशेषज्ञ एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन डा.नूतन जैन को कांफ्रेंस में व्याख्यान के लिए सम्मानित किया गया। एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति जी ने उनका अभिनंदन किया। कांफ्रेंस के पहले दिन उद्घाटन सत्र के साथ चार सत्रों में व्याख्यान के साथ पोस्टर व पेपर प्रेजेंटेशन किया गया। देव मूर्ति ने कांफ्रेंस जैसे आयोजनों को जानकारी के आदान प्रदान का महत्वपूर्ण जरिया बताया। उन्होंने कहा कि इससे कांफ्रेंस, सीएमई और वर्कशाप इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रथम प्रसूति एवं स्त्री रोग अपडेट 2025 कांफ्रेंस में आज भी चिकित्सकों और मेडिकल के विद्यार्थियों को बहुत कुछ सीखने को मिला। सभी अतिथियों ने उद्घाटन सत्र में कांफ्रेंस की स्मारिका का भी विमोचन किया।
एसआरएमएस मेडिकल कालेज में दो दिवसीय प्रथम प्रसूति एवं स्त्री रोग अपडेट 2025 कांफ्रेंस शनिवार को आरंभ हुई। बरेली आब्स्टेट्रिक्स एंड गायनोकोलाजी सोसायटी के सहयोग से एसआरएमएस मेडिकल कालेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओर से आयोजित इस कांफ्रेंस के उद्घाटन सत्र में चेयरमैन देव मूर्ति जी ने वर्धमान ट्रामा एवं लैप्रोस्कोपिक सेंटर मुजफ्फरनगर की डायरेक्टर एवं कांफ्रेंस की मुख्य अतिथि डा.नूतन जैन को उनके व्याख्यान के लिए सम्मानित किया। देव मूर्ति जी ने मेडिकल साइंस में लगातार बदलाव की बात कही और अत्याधुनिक रिसर्च और तकनीक को जानना और अपडेट रहने पर जोर दिया। कहा कि ऐसा करके ही मरीजों का बेहतर इलाज संभव है। उन्होंने अन्य बीमारियों की तरह ही मानसिक स्वास्थ्य के इलाज पर विशेष ध्यान आकर्षित किया। कहा कि भूत-प्रेत और झाड़-फूंक के बीच डिप्रेशन के शिकार अस्पताल नहीं पहुंचते। ऐसे में उनका मानसिक स्वास्थ्य और भी खराब होता जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एसआरएमएस मेडिकल कालेज ने ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ कुंडली बनाने का काम शुरू किया है। अब तक 50 हजार लोगों से ज्यादा की हेल्थ कुंडली बनाई जा चुकी है। जिसमें 14 हजार लोग डिप्रेशन के मिले। अस्पताल लाकर इन सभी का इलाज किया जा रहा है।
इससे पहले दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से आरंभ हुए उद्घाटन सत्र में एसआरएमएस मेडिकल कालेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष व कांफ्रेंस की आर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डा.शशि बाला आर्य ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कांफ्रेंस की थीम भ्रूण से स्वस्थ वृद्धावस्था को स्पष्ट किया। कालेज के प्रिंसिपल एयरमार्शल (सेवानिवृत्त) डा.एमएस बुटोला ने कालेज की उपलब्धियों और एसआरएमएस ट्रस्ट द्वारा संचालित सामाजिक योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कांफ्रेंस को सीखने का सुनहरा मौका बताया। उन्होंने एसआरएमएस में जल्द ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट शुरू होने का भरोसा दिलाया। डा.नूतन जैन ने चिकित्सा शिक्षा में एसआरएमएस मेडिकल कालेज को सर्वश्रेष्ठ मेडिकल कालेज बताया। कहा कि हेल्थ और रिसर्च में एसआरएमएस मेडिकल कालेज में बेहतरीन काम हो रहा है। निर्बल वर्ग और निचले तबके के उत्धान के लिए यहां संचालित योजनाएं समाज के विकास में योगदान दे रही हैं। इसके लिए एसआरएमएस मेडिकल कालेज प्रबंधन बधाई का पात्र है। उद्घाटन सत्र के अंत में कांफ्रेंस की आर्गनिजिंग सेक्रेटरी डा.मृदु सिन्हा ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन डा.पारुल महेश्वरी ने किया। इस अवसर पर एसआरएमएस मेडिकल कालेज के डायरेक्टर आदित्य मूर्ति, गुडलाइफ हास्पिटल की डायरेक्टर ऋचा मूर्ति , ट्रस्ट एडवाइजर सुभाष मेहरा, आईएमए यूपी स्टेट के प्रेसीडेंट डा.रवीश अग्रवाल, बरेली आब्स्टेट्रिक्स एंड गायनोकोलाजी सोसायटी की प्रेसीडेंट डा.लतिका अग्रवाल, डा.निर्मल यादव, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. आरपी सिंह, डीन यूजी डा.बिंदु गर्ग, डीन पीजी डा.रोहित शर्मा, डीएसडब्ल्यू डा.क्रांति कुमार, सभी विभागाध्यक्ष, पीजी स्टूडेंट, आर्गनाइजिंग कमेटी की कोचेयरपर्सन डा.नमिता अग्रवाल और डा.मनोज टांगड़ी, साइंटिफिक चेयपर्सन डा.रुचिका गोयल, कमेटी के अन्य सदस्य और एडवाइजरी बोर्ड के सभी सदस्य मौजूद रहे।
कांफ्रेंस में इन विशेषज्ञों ने दिया व्याख्यान
एसजीपीजीआई लखनऊ के डा.अनुपम वर्मा और एलएलआरएम मेरठ की डा.रचना चौधरी के गंभीर प्रसूति विज्ञान में हर निर्णय महत्वपूर्ण और हर क्षण का महत्व पर व्याख्यान से कांफ्रेंस आरंभ हुई। इंडियन फर्टिलिटी सोसायटी के प्रेसीडेंट कर्नल डा.पंकज तलवार ने प्रजनन चिकित्सा और आईवीएफ – आशा को जीवन में बदलना विषय पर वर्चुअल, दिल्ली की डा.एम गौर्वी देवी और डा.ऋतु खन्ना ने व्याख्यान दिया। डा.नीना मेहरोत्रा और डा.वंदना जैन ने रोबोटिक सर्जरी – गति में सटीकता, देखभाल में उत्कृष्टता से संबंधित विषयों पर व्याख्यान दिया। लैप्रोस्कोपी की चुनौतियों पर कांफ्रेंस की मुख्य अतिथि डा.नूतन जैन ने अपना व्याख्यान दिया। पहले दिन की कांफ्रेंस के अंत में यूपीसीओजी की सेक्रेटरी डा.भारती महेश्वरी और डा.आस्था अग्रवाल ने सौंदर्य प्रसाधन कॉस्मेटिक और स्त्री रोग जैसे विषयों पर लैक्चर दिया। इस अवसर पर एसजीपीजीआई लखनऊ के डा.नवनीत मेगन, मेजर जर्नल डा.किशन कपूर, एसजीपीजीआई चंडीगढ़ से डा.इंदु लता, हमदर्द मेडिकल कॉलेज से डा. अरुणा निगम, डा.आयशा अहमद, डा.आरके मिश्रा मौजूद रहे।










