बरेली। थाना हाफिजगंज के सैंथल गाँव में 5 दिसंबर को हुई मुकेश उर्फ लालता प्रसाद की हत्या का थाना हाफिजगंज पुलिस ने मात्र तीन दिनों में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या में शामिल प्रेमिका नगमा और उसके पति शानू अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में दोनों ने प्रेम-प्रसंग के चलते मिलकर हत्या करना स्वीकार किया है।
5 साल का प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में पता चला कि नगमा और मुकेश के बीच पिछले पाँच वर्षों से प्रेम संबंध थे। करीब डेढ़ महीने पहले नगमा की शादी शानू से हुई थी, लेकिन शादी के बाद भी नगमा और मुकेश का मिलना-जुलना व बातचीत जारी रही।
इसी बात को लेकर शानू अपनी पत्नी से नाराज़ रहता था। 4 दिसंबर की रात शानू ने अपनी पत्नी नगमा और मुकेश को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इसी के बाद दोनों ने मिलकर मुकेश को समाप्त करने की योजना बनाई।
नगमा ने मुकेश को घर बुलाया और वहीं पति–पत्नी ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को गेहूं के खेत में फेंक दिया ताकि घटना को दुर्घटना जैसा प्रस्तुत किया जा सके। 5 दिसंबर को मुकेश का शव सरफराज के गेहूं के खेत में मिला था। पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद सर्विलांस, कॉल डिटेल और तकनीकी जांच ने पुलिस को सीधे नगमा और शानू तक पहुंचा दिया।
पूछताछ में शानू ने स्वीकार किया कि उसने मुकेश को पहले गिराया, फिर उसके सीने पर वार कर पसलियां तोड़ीं और बाद में मुंह दबाकर उसकी हत्या की। नगमा ने भी हत्या में सक्रिय भूमिका निभाई। जाँच में यह भी सामने आया कि नगमा पहले भी पैसों के लिए गाँव के एक व्यक्ति पर झूठा मुकदमा दर्ज करा चुकी है। 9 दिसंबर की सुबह पुलिस टीम ने जादौपुर फाटक से आरोपी शानू अली और नगमा को गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन एक इनफिनिक्स और एक रियलमी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। मुकेश का मोबाइल नदी में तोड़कर फेंका गया था, जिसकी बरामदगी की कार्रवाई जारी है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक प्रवीन सोलंकी , उप निरीक्षक सतेंद्र कुमार , कांस्टेबल विजिल मलिक , मोहित कुमार महिला कांस्टेबल रिंकी शर्मा थी।










