बरेली। कुत्बे ओलिया हज़रत जलालुद्दीन सरकार सय्यद शाहदाना वली रहमातुल्लाह अलेहैं के छोटे उर्स सत्तरवी शरीफ के पाच में दिन की शुरुआत कुरान पाक की तिलावत से हुई मज़ारे मुबारक पर सलातो सलाम का नजराना मस्जिद के इमाम मौलाना मुशाहिद रजा ने पेश किया दिन भर दरगाह पर चादर पोशी व गुलपोशी का सिलसिला चलता रहा सुबह 10,30 बजे हज़रात सय्यद बाबा के कुल शरीफ की फातिहा की रस्म अदा की गई ,जिसमे शहज़ादा ए हुज़ूर तहसीन ए मिल्लत आली जनाब सूफी रिज़वान रज़ा खां क़ादरी साहब ने हिंदुस्तान में अमनो अमान भाई चार बीमारों के लिए शिफा बे रोज़गारों को रोजगार, बे औलादों के लिए खुसूसी दुआ की दरगाह के मुतावल्ली अब्दुल वाज़िद खा बब्बू मिया नूरी ने बताया हम बार बार नगर निगम में सफाई के लिए ज्ञापन देते है लेकिन न सफाई हुई न ही लाइट ठीक हुई नहीं गटर साफ नहीं हुए हमे अफसोस है हर बार नगर निगम से आश्वाशन मिलता है काम नही होता है।
वसी अहमद वारसी ने बताया हर साल सरकार शाहदाना वली के बड़े कुल शरीफ के मौके पर गरीब लड़कियो की शादी दरगाह की तरफ से कराई जाती है,जिसमे खाने का खर्च दहेज का खर्च किया जाता कुल के बाद 11:00 बजे फनकार शाहवेज साबरी ने रंग शरीफ का नजराना मजार ए मुबारक पर पेश किया,दिलबर खान ने आज जायरीनों के लिए लंगर का इंतज़ाम किया जो दिन भर चलता रहा मज़ारे मुबारक पर। मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने शासन प्रशासन और दरगाह पर खिदमत करने वालों का शुक्रिया अदा करते हुए पांच रोज़ उर्स के समापन की घोषणा की। उर्स का इंतजाम देखने वालों में मिर्ज़ा मुकर्रम बेग,यूसुफ इब्राहिम, सलीम रज़ा,गफूर पहलवान, मिर्ज़ा शाहाब बेग,अब्दुल सलाम नूरी,जावेद खां,मेहबूब साबरी,भूरा साबरी,गुल्लन खा,आसिफ सकलैनी,परवेज़ खा,जावेद खा,वसी अहमद, दिलावर खां,सही बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।









