बरेली। थाना कैंट पुलिस ने एक बड़े संगठित अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश करते हुए पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह फर्जी ट्रस्ट और बैंक खातों के माध्यम से देशभर में साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से खुलासा हुआ कि आरोपी एपीके फाइल (SMS Listener) के जरिए लोगों के बैंक खातों और मोबाइल एसएमएस का एक्सेस हासिल कर लेते थे और ठगी की रकम को कई खातों में ट्रांसफर कर देते थे। जांच में सामने आया कि गिरोह के 22 बैंक खातों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 524 शिकायतें दर्ज हैं। साथ ही, इन खातों का नेटवर्क केरल सहित कई राज्यों तक फैला हुआ है।
आरोपियों के मोबाइल से 1.55 करोड़ रुपये तक के ट्रांजेक्शन और डिजिटल अरेस्ट से संबंधित डेटा भी बरामद हुआ है। पुलिस को इस गैंग के विदेशी कनेक्शन के भी संकेत मिले हैं, जो व्हाट्सएप के माध्यम से सक्रिय थे। मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर स्कार्पियो वाहन में सवार आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में शाकिब अली, राजकुमार, सचेन्द्र कुमार, आशीष सिंह और बब्लू उर्फ माधोराम शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार गैंग में अलग-अलग स्तर पर पैनल, एजेंट और मीडिएटर काम करते थे, जो फर्जी खाते खुलवाने और धन के लेन-देन को अंजाम देते थे। बरामदगी में लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेकबुक, ट्रस्ट की मोहर, बैंक दस्तावेज, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, अवैध तमंचे और कारतूस शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना कैंट में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और बरामद उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।









