फर्जी शपथपत्र लगाकर कोर्ट को किया गुमराह, पीड़ित ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार

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बरेली। थाना इज्जतनगर क्षेत्र में एक संगीन आपराधिक मुकदमे को फर्जी शपथपत्र के जरिए खत्म कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम महलुआ निवासी पीड़ित दूल्हा मियां ने आरोप लगाते हुए एसएसपी बरेली से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि नासिर सिद्दीकी और उसके साथियों ने साजिशन तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर मुकदमे की कार्रवाई अवैध रूप से समाप्त करा दी।

पीड़ित के अनुसार कोर्ट के आदेश पर साल 2022 में अपराध संख्या 75/2022 के तहत नासिर सिद्दीकी समेत आठ लोगों के खिलाफ थाना इज्जतनगर में धारा 420, 467, 468 व 471 आईपीसी में मुकदमा दर्ज कराया गया था। ये धाराएं गंभीर प्रकृति की हैं, जिनमें आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। शिकायत में बताया गया है कि मुख्य आरोपी नासिर सिद्दीकी, जिसके खिलाफ थाना इज्जतनगर में हिस्ट्रीशीट संख्या 44ए दर्ज है, ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पीड़ित के नाम पर फर्जी शपथपत्र तैयार कराया।

पीड़ित का दावा है कि शपथपत्र में न तो उसका फोटो लगा है और न ही किसी अधिवक्ता द्वारा हस्ताक्षरों की पहचान कराई गई।इतना ही नहीं, शपथपत्र पर किए गए हस्ताक्षर भी पीड़ित के नहीं हैं। आरोप है कि इस फर्जी शपथपत्र को नोटरी से तस्दीक कराकर समझौते का झूठा हवाला देते हुए अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया और पुलिस से मिलीभगत कर मुकदमे में अंतिम आख्या तैयार कराकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बरेली की अदालत में भेज दी गई।

जैसे ही पीड़ित को इस साजिश की जानकारी हुई, उसने कोर्ट में अंतिम आख्या के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई। अब पीड़ित ने SSP बरेली से मांग की है कि नासिर सिद्दीकी सहित सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी शपथपत्र तैयार करने, उसे असली के रूप में प्रयोग करने और मुकदमे को अवैध रूप से समाप्त कराने की साजिश पर कठोर कार्रवाई की जाए। पीड़ित का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।

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