घघोरा पिपरिया में गिरा दी मस्जिद मुस्लिम समाज का हो रहा उत्पीड़न: नदीम कुरैशी

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बरेली। आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पार्टी के जिला अध्यक्ष मोहम्मद असलम एडवोकेट एवं प्रदेश महासचिव नदीम कुरैशी के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। नदीम कुरैशी ने ज्ञापन के माध्यम से बरेली जिला प्रशासन और पुलिस पर मुस्लिम अल्पसंख्यक समाज के धार्मिक आधार पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया गया।

ज्ञापन में कहा गया कि बरेली जिले में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी संवैधानिक पदों पर रहते हुए मुस्लिम समाज के धार्मिक स्थलों पर बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए बुलडोजर कार्रवाई कर रहे हैं। आरोप लगाया गया कि प्रशासन माननीय सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भी पालन नहीं कर रहा है। एआईएमआईएम नेताओं ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर मुस्लिम धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले में सड़कों, चौराहों और सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बने सैकड़ों मंदिरों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यहां तक कि जिला मुख्य विकास अधिकारी के आवास के सामने सरकारी भूमि पर बने अवैध मंदिर पर भी प्रशासन मौन है।

ज्ञापन में घघोरा पिपरिया गांव का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए बताया गया कि 7 फरवरी को बिना किसी पूर्व सूचना के पुलिस बल का प्रयोग कर 50 वर्ष से अधिक पुरानी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया, जबकि यह मामला माननीय हाईकोर्ट इलाहाबाद में विचाराधीन है। मस्जिद से संबंधित कई न्यायिक निर्णय पूर्व में मस्जिद कमेटी के पक्ष में आ चुके हैं। एआईएमआईएम के जिला अध्यक्ष मोहम्मद असलम एडवोकेट ने कहा कि उक्त मस्जिद गांव के लगभग 3500 मुस्लिम आबादी की एकमात्र इबादतगाह थी और रमजान माह से पहले मस्जिद को ध्वस्त करना धार्मिक अधिकारों का हनन है।

पार्टी ने मांग की कि हाईकोर्ट में अपील के निस्तारण तक नमाज और धार्मिक गतिविधियों की अनुमति दी जाए तथा बिना गाइडलाइन के कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ।ज्ञापन देने बालो में मोहम्मद इकबाल, अशर्फी, कमरूल हसन , हनीफ अहमद , जाहिद अली, अलीम आदि मौजूद थे।

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