बरेली। बरेली में 166 वर्ष पुरानी राम बारात पारंपरिक और धूम धाम से निकाली गई, जहाँ रंगों के बीच हुरियारे पर राम बारात का जम कर आनंद उठाया , देश में सिर्फ बरेली में ही ऐसी राम बारात निकली जाती है जहाँ राम जी की सवारी के साथ हर ओर सिर्फ रंग ही रंग दिखाई देता है, राम बारात का जगह जगह रंग और फूलो से स्वागत किया गया ।
राम जी की निकली सवारी राम जी की लीला है निराली ,,,,,,,जी हाँ बरेली में राम बारात का आज कुछ ऐसा ही नजारा था , बरेली में होने वाली फागुनी राम लीला के चलते आज राम बारात निकाली गई, जिसमे रंगों के बीच हुरियारे जम कर थिरकते और भगवन श्री राम के जयकारे लगाते नजर आ रहे थे, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राजू मिश्रा के मुताविक ये राम लीला देश भर में होने वाली रामलीलाओ से से अलग है क्योकि ये फाल्गुन माह में होती है , राम बारात बमन पुरी से होते हुए शहर के मुख्य मार्गो से गुजरी ,जहाँ राम जी के बरातियो का रंग अवीर से स्वागत हुआ।
इस राम बारात को देखने के लिए दूर दूर से लोग यहाँ आते है भगवन श्री राम की आरती उतार कर हुरियारों पर रंग डालते है और लोगो को इस राम बारात का साल भर इन्तेजार रहता है, होली की राम बरात का अनूठा नजारा बरेली में देखने को मिला। 166 वर्षो से मनाई जा रही बरेली की होली में रामबरात की न केवल एतिहासिक मान्यता है। बरेली के बडी बमनपुरी इलाके से शुरू हुई रामबरात में लोग सप्तरंगी अबीर गुलाल और रंगों की फुहार से लोग एक दूसरे को सराबोर कर रहे है। रामबरात कोतवाली,पुराने बसअडडे से काली बाडी होेते हुए शहर के विभिन्न इलाकोें से गुजरी। होली के हुडदंग के साथ लोग मतवाले हो कर थिरक रहे थे। इस अनोखी राम बारात के साथ हजारो की तादात में लोग होली का हुदगंद करते नजर आये इस होली की खासीयत यह है।









