बरेली। जनपद में चाइनीज मांझे के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर जिला प्रशासन ने पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने शासनादेश दिनांक 16 नवंबर 2017 के तहत प्राप्त निर्देशों और हालिया घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए यह सख्त आदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंथेटिक मांझा, सीसा लेपित, नाइलोन डोरी और चाइनीज मांझे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और सूचना देने वालों को इनाम दिया जाएगा ।
डीएम ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में सिटी मजिस्ट्रेट, एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट, संबंधित क्षेत्राधिकारी और जीएसटी अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम, तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी और जीएसटी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये टीमें लगातार छापेमारी कर यह सुनिश्चित करेंगी कि प्रतिबंधित मांझे का कहीं भी निर्माण या बिक्री न हो। हाल ही में एडीएम सिटी और एसपी सिटी के नेतृत्व में कई संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की गई है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि चाइनीज मांझे के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है और अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ऐसे में प्रशासन इसे पूरी तरह रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यदि प्रतिबंध के बावजूद कोई व्यक्ति इस प्रकार के मांझे का निर्माण या बिक्री करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सूचना देने वाले व्यक्ति को पुरस्कृत किया जाएगा और उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
जनजागरूकता के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में होर्डिंग्स, बैनर और पतंग की दुकानों पर चेतावनी संबंधी स्टीकर लगाए जाएंगे। प्रशासन ने अपील की है कि यदि कहीं भी प्रतिबंधित मांझे की बिक्री या उपयोग की सूचना मिले तो कलेक्ट्रेट स्थित 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम या संबंधित अधिकारियों को तत्काल जानकारी दें, ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके।









