‘सो जा… गब्बर आ जाएगा’ अब फिल्मी डायलॉग नहीं, बरेली में हकीकत बना खौफ

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बरेली। शोले फिल्म का मशहूर डायलॉग “सो जा… गब्बर आ जाएगा” अब सिर्फ सिनेमा तक सीमित नहीं रहा। बरेली के एक गांव में असली गब्बर का ऐसा खौफ पसरा है कि लोग आज भी जुबान खोलने से कांपते हैं। मामला थाना सीबीगंज क्षेत्र के ठिरिया ठाकुरान गांव का है, जहां हिस्ट्रीशीटर गब्बर सिंह उर्फ शिवकुमार सिंह पर धार्मिक आयोजन के दौरान तांडव मचाने का सनसनीखेज आरोप लगा है।

ग्रामीणों के मुताबिक गांव में हर साल माघ पूर्णिमा पर श्रीरामचरितमानस का पाठ और भंडारे का आयोजन होता है। पूरा गांव इसमें शामिल होता है और शांति से प्रसाद वितरण किया जाता है। लेकिन इस बार आयोजन के दौरान गब्बर सिंह को “पहले” प्रसाद नहीं दिया गया। बस इसी बात पर वह बौखला उठा। आरोप है कि गब्बर सिंह अपने हथियारबंद साथियों के साथ मौके पर पहुंचा, राइफल लहराई और आयोजकों को खुलेआम ललकारते हुए धमकी देने लगा।

कहा जा रहा है कि इसके बाद गब्बर सिंह ने रामायण पाठ में प्रमुख भूमिका निभाने वाले रुद्रपाल सिंह के घर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। घर में मौजूद मेहमानों और ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई। चीख-पुकार के बीच गांव में दहशत फैल गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी असलहों का प्रदर्शन करते हुए फरार हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गब्बर सिंह का गांव में इतना आतंक है कि उसके खिलाफ बोलने की हिम्मत कोई नहीं करता। आरोप यहां तक हैं कि जिसने भी उसके खिलाफ आवाज उठाई, उसके साथ मारपीट या जानलेवा हमला हुआ। यही वजह है कि गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहता है।

हालांकि इस बार पीड़ित रुद्रपाल सिंह ने डर को दरकिनार करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर गब्बर सिंह और उसके एक साथी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीन टीमें गठित कर दी हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि इस बार आरोपी किसी भी हाल में नहीं बचेगा और कड़ी कार्रवाई तय है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या खौफ का पर्याय बन चुका यह “गब्बर” कानून के शिकंजे में आएगा या फिर गांव पर उसकी दबंगई का साया यूं ही बना रहेगा। पूरे जिले की नजरें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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