बरेली। हज़रत अल्हाज अश्शाहा शाहजी रफीकुल औलिया( रहमतुल्लाह अलैह )का 15वां सलाना उर्स शरीफ़ का आगाज़ 2 अप्रैल बरोज़ बुद्ध 2025 बाद नमाज़ फज्र कुरान ख्वानी के साथ हो गया है।
2 अप्रैल बाद नमाजे असर क़ुल शरीफ़ हज़रत मुनीर मियां उर्फ मुनीरुल असफिया (रहमतुल्लाह अलैह) मनाया गया बाद नमाज़ ईशा जलसा जशने शाहजी रफीकुल औलिया हुआ। जिसमे दूर दराज़ से उलमाए इक़राम व शोरए इक़राम ने शिरकत की। जिसमें नात ख़्वान हज़रात जनाब सैय्यद मोहम्मद वसी, जनाब रिजवान रफीकी, जनाब सरताज रफीकी शामिल रहे।
जलसे में ख़ुसूसी ख़िताब पीलीभीत शरीफ़ से तशरीफ़ लाए। जनाब अल्लामा मोलाना नूर साहब कदीरी खादिम दरबार अल्लाह हू मियां ने ख़ूबसूरत बयान पेश किया और हज़रत शाहजी रफ़ीक़ीकुल औलिया (रहमतुल्लाह अलैह)की शान बयान की
जनाब अल्लामा मोलाना साजिद साहब शेरपुरी ने शानदार ख़िताब पेश किया और हुजूर अल्हाज अश्शाह मौलाना हज़रत शाह वली मोहम्मद साहब क़दीरी (रहमतुल्लाह अलैह) साहब की शान बयान की।
हजरत मौलाना सलीम साहब खतीब इमाम मस्जिद रफीकुल औलिया ने भी खुबसूरत बयान पेश किया।
जलसे के मोके पर जनाब हसीन अहमद मोहम्मदी कादिरी साहबजादे हुजूर शाहजी रफीकुल औलिया, नायब सज्जादा जनाब फय्युख अहमद रफीकी, जहीर अहमद,जुनैद रफीकी, जनाब नन्हे भाई रफीकी,नबी हसन रफीकी, अली रफीकी कासिम ,रफीकी अमजद रफीकी, मौजूद रहे। 3 अप्रैल 2025 बरोज जुमेरात ठीक सुबह 9:40 मिनट पर विसली कुल शरीफ हुआ।
खानकाहे शाहजी रफ़ीकुल औलिया के सज्जादा नशीन जनाब मोहिब मियां रफीकी क़दीरी साहब की ज़ेरे सरपरस्ती में उर्स की सरपरती में उर्स की सारी तक़रीबात मनाई गईं।