बरेली। मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि उदयपुर फाइल्स फिल्म बनाई गई है, जिसमे उदयपुर की घटना 2022 से हुई थी, इस घटना की भारत के मुसलमानों ने निंदा की थी और हम आज भी उस घटना की निंदा करते हैं उसी घटना के संबंध में उदयपुर फाइल्स फिल्म बनाई गई है, जो 11 जुलाई 2025 को रिलीज की जायेगी और उसका ट्रेलर गत दिनों में जारी कर दिया गया है, जिसमें पैगंबर ए इस्लाम और उनकी बीवी हजरत आयशा आदि धार्मिक महापुरुष के सीन दर्शाए गए हैं, और मुसलमानों को आतंकवादी की शकल में पेश किया गया है, धार्मिक भावनाए भड़काई गई हैं।
भाजपा की पूर्व नेता नुपूर शर्मा का बयान भी दर्शाया गया है, गतवर्षों में नुमूर शर्मा ने पैगंबर ए इस्लाम की शान में बहुत बड़ी गुस्ताखी की थी (आभद्र भाषा का प्रयोग) जिसकी वजह से भारत में हिंदू मुस्लिम तनाव बढ़ा और देश में घोर निंदा की थी। मौलाना ने कहा मुसलमान भूखा रह सकता है, प्यासा रह सकता है, बेरोज़गार रह सकता है मगर अपने प्यारे नबी पैगंबर ए इस्लाम की शान में छोटी से छोटी भी गुस्ताखी बर्दाश नहीं कर सकता, और साथ ही भारत के करोड़ों हिंदू भी पैगंबर ए इस्लाम का सम्मान करते हैं।
इस फिल्म के रिलीज़ होने पर पूरे देश में तनाव फैलने और टकराव होने की संभावना है। इसलिए इस फिल्म का रिलीज़ होना देश हित में नहीं है। कहा प्रधानमंत्री और देश के मुखिया है, आपसे हमें बहुत उम्मीदें हैं, आपने मुसलमानो का विशवास भी जीता है, इसलिए आपसे अनुरोध है कि उदयपुर फाइल्स फिल्म पर प्रतिबंध लगाएं, ताकि देश में अमन व शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। हमें उम्मीद है के हमारी उक्त गुज़रिशात् को अमली जामा पहनाने के लिए आदेश देंगे।
