बरेली। हर साल की तरह इस साल भी उर्से सकलैनी में महाराष्ट्र, गुजरात से हज़ारों ज़ायरीन का बड़ा सकलैनी कारवां आ रहा है। ये कारवां रामनगर एक्सप्रेस के ज़रिए बरेली पहुंचेगा जिनके इस्तक़बाल के लिए जंक्शन पर शाह सकलैन एकेडमी की ओर से एक कैम्प का आयोजन किया गया।
इस कैम्प का उद्घाटन रेलवे के अधिकारी गणों ने अपने कर कमलों से किया। इस शुभ अवसर पर एकेडमी के पदाधिकारियों की तरफ़ से रेलवे अधिकारीगणों को शॉल माला पहनाकर सम्मान किया गया। रेलवे के अधिकारी गणों में सीएमआई सैयद इमरान चिश्ती, स्टेशन सुपरिटेंडेंट भानु प्रताप सिंह, चीफ इंस्पेक्टर टिकट ओपी भारद्वाज,चीफ बुकिंग सुपरवाइजर अनिल सिंह, चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर संजीव सक्सेना समेत कई अधिकारी गढ़ मौजूद थे।

इस मौके पर दरगाह की तरफ से हमज़ा सकलैनी, मोहसिन आलम, शाबेज़ सकलैनी, सैयद आमिर, मुशाहिद सकलैनी, ख़ुर्रम सकलैनी, फ़ैसल सकलैनी, राशिद ख़ान, जमील सकलैनी, अब्बास सकलैनी, फरहान सकलैनी, अब्बास सकलैनी, आरिफ़ सकलैनी आदि मौजूद रहे।

आपको बता दें आज 25 सितम्बर 2025 बरोज़ जुमेरात मुताबिक 2 रबीउल आख़िर हज़रत शाह मोहम्मद सक़लैन मियां हुज़ूर के दूसरे सालाना उर्स के दूसरे दिन की शुरुआत सुबह बाद नमाज़ फज्र कुरआन ख्वानी से हुई। इसके बाद खानकाह शरीफ़ पर फातिहा ख्वानी की गई और सभी ज़ायरीन के लिए लंगर शुरू कर दिया गया।
ख़ानक़ाह शरीफ़ पर ज़ायरीन की आमद
उर्स-ए-सकलैनी में शामिल होने के लिए मियां हुज़ूर के मुरीदों में बड़ी बेताबी और खुशी नज़र आ रही है, पूरे भारत से अकीदतमंदों के बड़े-बड़े जत्थे ख़ानक़ाह शरीफ़ पर पहुंच रहे हैं। आज उर्स के दूसरे दिन बड़ी तादाद में मुंबई, भोपाल, झांसी, अहमदाबाद, राजकोट, सूरत, बिहार के सासाराम आदि जगहों से बड़ी तादाद में जायरीन आए।

मज़ार शरीफ़ पर चादर पोशी व गुल पोशी का सिलसिला
उर्स में शामिल होने वाले ज़ायरीन बड़ी अकीदत व मोहब्बत के साथ हाज़िरी दे रहे हैं और मज़ार शरीफ़ पर चादर पोशी व गुलपोशी के लिए ज़ायरीन का तांता बंधा हुआ है। खानकाह शरीफ़ की गलियां तरह-तरह की सजावटों व रंग-बिरंगी बेलों और झालरों से आने वाले जायरीन का इस्तकबाल कर रही हैं। इस बीच बरेली के विभिन्न क्षेत्रों से व आस-पास के शहरों व गांवों-कस्बों से चादर शरीफ़ लेकर जायरीन के जत्थे पहुंच रहे हैं।
आज बरेली पुराना शहर से कांकर टोला, कोट, मदीना शाह इमामबाड़ा, हजियापुर, जगतपुर, शाहदाना व बरेली नए शहर से मलूकपुर, बानखाना, गुलाब नगर, ब्रह्मपुरा, नई बस्ती एवम् कस्बा फरीदपुर, सरदार नगर, कैमुआ, महेशपुर आदि जगहों से चादर शरीफ़ पेश करने के लिए अकीदतमंद आए।

उर्स की व्यवस्था संभालने के लिए वॉलेंटियर्स का योगदान
उर्स के कार्यक्रमों को बेहतर व सुचारू रूप से कराने के लिए 500 वॉलेंटियर्स तैयार किए गए हैं जो उर्स में ज़ायरीन की सुविधा के दृष्टिगत व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए अपना योगदान देंगे। उर्स की इंतिजामियां कमेटी जिनमें मुख्य रूप से हाफ़िज़ गौसी मियाँ, हमज़ा सकलैनी, आफताब आलम, मुंतासिब सकलैनी, मुनीफ सकलैनी, हाजी लतीफ़, मेराज हुसैन, सादिक सकलैनी, मुक़ीत सकलैनी, राशिद सकलैनी, मोहसिन आलम, निज़ाम सकलैनी, सैयद आमिर, खुर्रम सकलैनी, रिज़वान सकलैनी, आरिफ़ सकलैनी, फ़ैसल सकलैनी, राशिद ख़ान, जमील सकलैनी, आदिल सकलैनी, अब्बास सकलैनी, आदि अपनी-अपनी जिम्मेदारियाँ अदा कर रहें हैं।
उर्स एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है जो न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का भी प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी और उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएँ विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती हैं।










